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Angur Khane Ke Fayde

Angur Khane Ke Fayde

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Angoor Khane ke Fayde : अंगूर खाने के फायदे बहुत सारे होते हैं। अंगूर एक अकेला ऐसा फल है जिसकों खाने में कभी भी आपके हाथ गंदे नहीं होते हैं, मतलब कि उसको खाने के लिए किसी छिलके को नहीं हटाना होता। वैसे तो अंगूर दो तरह के होते हैं, काले और हरे। अंगूर में फाइबर, विटामिन सी और ई के अलावा शरीर के लिए जरूरी कैलोरी भी पाई जाती है। इसलिए अंगूर को सेहत का खजाना कहना गलत नहीं होगा। क्या आप जानते हैं अंगूर सूखने के बाद भी आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, क्योंकि अंगूर को सुखाकर किशमिश बनाई जाती है। इसलिए आज हम आपको अंगूर खाने के फायदे और इसका सेवन या खाने का सही समय के बारे में बता रहे हैं।

मीठे रसीले फलों में शामिल अंगूर ऐसा फल है, जो आमतौर पर सभी को पसंद आता है। हरे, काले और लाल रंग में मिलने वाले अंगूर के दानों में न तो गुठली होती है, न कड़ा छिलका। थोड़ा-सा दबानेे पर मुंह में घुल जाते हैं। फल के तौर पर खाने के अलावा इनसे किशमिश, मुनक्का, जूस, जैम और जैली भी बनाए जाते हैं। खाने में सुविधाजनक होने के साथ-साथ अंगूर कई पोषक, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल तत्वों से भरपूर होते हैं। इसमें मौजूद पॉली-फेनोेलिक फाइटोकैमिकल कंपाउंड हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होने के कारण अंगूर का सेवन जरूरी है।

अंगूर क्या है? (What is Grapes?)

अंगूर का पेड़ भारत के कई हिस्सों में पाया जाता है और इस पेड़ का हर हिस्सा सेहत के लिए लाभदायक है। यूनानी और अरबी ग्रंथों में भी अंगूर के फायदों का जिक्र मिलता है। रंग,आकार तथा स्वाद के अनुसार अंगूर की कई किस्में पायी जाती हैं, जिनमें काले अंगूर, बैंगनी रंग के अंगूर और लम्बे वाले अंगूर प्रमुख हैं। बिना बीज वाले छोटे अंगूर को ही सुखाकर किशमिश बनाई जाती है। इस लेख में आगे हम आपको अंगूर के फायदे और उपयोग से जुड़ी जानकारी विस्तार से बता रहे हैं।

अन्य भाषाओं में अंगूर के नाम (Name of Grape in Different Languages)

अंगूर का वानस्पतिक नाम Vitis vinifera Linn। (वाइटिस वाइनिफेरा) है और यह Vitaceae (वाइटेसी) कुल का पौधा है। आइये जानते हैं कि अन्य भाषाओं में अंगूर को किन नामों से पुकारा जाता है।

Grape in :

  • English : Grapes (ग्रेप्स), कॉमन ग्रेप वाइन (Common grape vine);
  • Sanskrit – द्राक्षा, स्वादुफला, मधुरसा, मृद्वीका, गोस्तनी, स्वाद्वी
  • Hindi – दाख, मुनकका, द्राक्ष, अंगूर
  • Urdu –अंगूर (Angur)
  • Odia : द्राक्या (Drakya), गोस्तोनी (Gostoni)
  • Kannad -द्राक्षा (Draksha), अंगूर (Angoor)
  • Konkani – धाकू (Dhaku)
  • Gujrati – धराख (Dharakh), दराख (Darakh)
  • Tamil – कोट्टन (Kottan), कोडीमुन्दरी (Kodimundiri)
  • Telugu : द्राक्षा (Draksha), गोस्तनी द्राक्षा (Gostanidraksha)
  • Bengali : मनेका (Maneka), अंगूरफल (Angurphal)
  • Punjabi : अंगूर (Angur), बूरी (Buri)
  • Marathi : अंगूर (Angoor), द्राक्ष (Draksha)
  • Malyalam : गोस्तनी (Gostani), मुन्टीरी (Muntiri)
  • Arbi : एनाएब (Aenaeb), एनब (Ainab), हबुस् सजीव (Habus sajiv), अब-जोश (Ab-josh)
  • Persian : अंगूर (Angur), मवेज (Mavez)

अंगूर के फायदे एवं उपयोग (Uses and Benefits of Grapes in Hindi)

ऊपर बताए गए औषधीय गुणों के कारण ही अंगूर कई तरह की बीमारियों में लाभ पहुंचाता है। आइये जानते हैं कि किन रोगों के घरेलू इलाज के लिए आप अंगूर का उपयोग कर सकते हैं।

1. कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोके
अंगूर की छिलकेनुमा बाहरी परत में मौजूद रेस्वेराट्रॉल एंटीऑक्सीडेंट और क्यूरसेटिन एंटी इन्फ्लेमेटरी तत्वों में कैंसरविरोधी गुण मिलते है। ये तत्व प्रोस्टेट, ब्रेस्ट और फेफड़ों के कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकते हैं।

2. हार्ट अटैक के खतरे को करे कम
अंगूर में मौजूद क्यूरसेटिन एंटी इन्फ्लेमेटरी प्लेवोनॉयड, पॉलीफेनॉल जैसे तत्व लिपोप्रोटीन यानी बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को नियंत्रित रखते हैं। ओरोस्टिलवेन एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी में काले अंगूर का जूस ब्लड में नाइट्रिक एसिड के लेवल को नियंत्रित रखता है, जिससे ब्लड क्लॉटिंग नहीं हो पाती और हार्ट अटैक का खतरा कम होे जाता है। काले अंगूर का जूस हार्ट अटैक से बचने के लिए ए्प्रिरन की गोली के समान कारगर है।

3. डायबिटीज में फायदेमंद
अंगूर में हैरोस्टिलवेन नामक एंटीऑक्सीडेंट ब्लड में शुगर की मात्रा को कम करता है। सप्ताह में 2-3 बार अलग-अलग रंग के एक कटोरी अंगूर खाने से टाइप 2 डायबिटीज की आशंका 70 प्रतिशत कम हो जाती है।

4. दे तुरंत ऊर्जा
अंगूर में मौजूद फ्रैक्टोज और ग्लूकोज शर्करा रक्त में आसानी से अवशोषित हो जाती है, जिससे यह तुरंत थकान दूर कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।

5. कराए पेट भरा होने का एहसास
अपने वजन के प्रति सचेत लोगों के लिए अंगूर आदर्श फल है। इसमेें फाइबर की मात्रा अधिक और वसा न के बराबर होती है, इसलिए एक कटोरी अंगूर खाने पर काफी समय तक भूख महसूस नहीं होती।

6. कब्ज की शिकायत करे दूर
फाइबर और ग्लूकोज की प्रचुर मात्रा वाला अंगूर पाचन तंत्र को मजबूत करता है। इसमें मौजूद ऑर्गेनिक एसिड, सेल्यूलोज और पॉलीओस तत्व पेट की टोनिंग कर कब्ज, अपच, पेट में जलन-सूजन, उल्टियां आने जैसी समस्या से राहत दिलाते हैं। इसके रस में चुटकी भर नमक और काली मिर्च मिलाकर पीने से आराम मिलता है।

7. आंखों के लिए फायदेमंद
अंगूर में मौजूद ग्लूटॉन और जियेन्थिन एंटीऑक्सीडेंट आंखों को स्वस्थ रखने में सहायक हैं। विटामिन ए रात के अंधेपन जैसी आंखों की बीमारियों में मदद करता है। इसके पके हुए गाढे़ रस को सोते समय आंखों में लगाने से नेत्र रोग दूर हो जाते हैं।

8. अस्थमा रोगियों के लिए कारगर
अस्थमा रोगियों को सर्दियों में सांस लेने में अधिक दिक्कत होती है। अंगूर में मौजूद मैग्नीशियम मांसपेशियों के संकुचन को कम करता है, इससे रोगियों को आराम मिलता है।